558/☑️फिर भी समझ में नही आया‼️

🛑एक साधारण सा किसान मजबूत सत्ता को चुनौती दे रहा हैं फिर भी सरकार और भक्तो को समझ नही आ रहा। देखते ही देखते मुख्य मीडिया का मुह अपनी तरफ मोड़ दिया फिर भी समझ मे नही आया। माफी भी काम नहीं आयी फिर भी समझ मे नही आया। एक क्षण मे पासा पलट गया फिर भी समझ मे नही आया। इसी नासमझी से पिछली सरकार गई थी फिर भी समझ में नही आया। देखते ही देखते कद के सामने सत्ता बौनी होती जा रही फिर भी समझ नही आया

🛑माँ शिवा कहती हैं सत्ता के मद का मर्दन करने के लिए मैं किसी साधारण व्यक्ति को भी देखते ही देखते इतनी शक्तिशाली बना देती हूँ कि उसके सामने कोई कितना भी बड़ा अहंकार हो ज्यादा टिक नही पाता। वही हो रहा हैं दोस्तों।

जमीन सरकती जा रही हैं फिर भी समझ नहीं आ रहा। इस बात को सांसारिक बुद्धि वाले नहीं सिर्फ प्रज्ञावान ही समझ सकते हैं। अहंकार माँ शिवा को पसन्द नही। तंत्रगुरू भैरव भी नहीं समझ पाया! माँ वैष्णवी बालिका के रूप मे उसका काम तमाम कर दी थी। ये बात तो सभी जानते होंगे। अहंकार कोई भी हो, उसकी दिशा जबतक सही होती हैं तभी तक माँ की शक्ति का साथ मिलता हैं अन्यथा पतन की तरफ अग्रसर होना होता ही हैं इसमे कोई संशय नही।***

!! धन्यवाद !!
                                 

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s