560/☑️मन्दिर व कटोरा काम नही आयेंगा‼️

🛑कथा कहानियों सुनाने के लिए यह पेज नही। कहानियां पहले भी अनेकों के मुह से सुनी या पढ़ी होंगी। ज्ञान और कथा सुनाकर लोग करोड़पति बन गए आप वही रह गए। बेवकूफ़ बनाकर लोग नेता मंत्री बन उच्च पदों पर आसीन हो सरकार मे बैठ गए? किसी ने 8 पुश्तों का इन्तेजाम कर लिया तो किसी मे अपने वर्चस्व के लिये अपने संगठन और मित्रों को आबाद कर नंबर वन पर पहुंचा दिया आप वही रह गए नौकरी खोजते हुए या सालों इंक्रीमेंट के इन्तेज़ार मे। लोगों के पास दस दस गाड़ियां हो गयी आप पढ़ लिख मजदूरी ही करते रह गए। महंगाई बढ़ती जा रही हैं आपको भक्ति का पाठ पढ़ाया जा रहा हैं। क्यों? क्योंकि आप खामोश रहें। ज्ञान गंगा मे डुबकी लगाते रहे। बाप दादाजी की जमीनें बिक गयी आप मन्दिर मस्जिद में फंसे रहें। आपकी मेहनत से बड़ी कंपनियां और सभी दलों के नेता आसमान मे उड़ने लगे आप खुश होकर ताली थाली पीटते रहें। कुछ समय मे मन्दिर बन जाएगा फिर 8-10 कटोरा बनाने की बड़ी फैक्ट्रियां लगेंगी। उसे आपको बेचा जायेगा। मंदिर के सामने कटोरा के साथ 2,4 महीना बैठाया जायेगा। मार्केटिंग की जाएगी। आगे वहां भी सरकारी पहरा लग जायेगा फिर कहां जाओगे भक्तों, कभी सोचा हैं। कौन तुम्हारी आवाज सुनेगा। रामजी भी नही सुनने वाले क्योंकि आवाज ना उठाकर तुमने स्वतः अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारी हैं। यह पेज भी तुम्हारा कुछ नही कर सकता जब तक तुम अच्छे बुरे का खुद से विश्लेषण ना कर पाओं।***

 ✔️वाणी कड़वी अवश्य हैं किन्तु अहितकर नही। मेरे लिए सब समान हैं। सब शिव है। दुश्मन भी मेरा मित्र हैं। उसका भी उतना ही सम्मान हैं जितना आपका अपना!

✔️पैसे मे शक्ति होती तो कोई लेकर नही चलता बल्कि खुद ही चलती; भागती। पैसा भागता दौड़ता हैं ऐसा आप कहते हो!

✔️विपरित स्थितियां ईश्वर आत्म अवलोकन के लिए प्रदान करते हैं।

✔️जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी !!

!! धन्यवाद !!

                          

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