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932/☑️#शिव_महिम्न स्तोत्र-18/19‼️

🥀वियद्व्यापी  तारा-गण-गुणित-फेनोद्गम-रुचिः।
🥀प्रवाहो  वारां  यः पृषतल  घुदृष्टः  शिरसि  ते॥
🥀जगद्द्वीपा कारं जलधि  वलयं तेन कृतमिति।
🥀अनेनैवो   न्नेयं   धृतमहिम  दिव्यं   तव  वपुः॥

🔴#तात्पर्य:~ #हे_गंगाधर !!! आकाश गंगा से निकलती तारागणों के बीच से गुजरती गंगा-जल अपनी धारा से धरती पर टापू तथा अपने वेग से चक्रवात उत्पन्न करती हैं। पर उस प्रचंड उफान से परिपूर्ण गंगा आपके मस्तक पर एक बूंद के सामन ही दृष्टिगोचर होती है। यह आपके दिव्य स्वरूप का ही परिचायक हैं !!!°°°

🥀रथः  क्षोणी  यन्ता  शतधृति  रगेन्द्रो  धनुरथो।
🥀रथाङ्गे  चन्द्रार्कौ   रथ-चरण-पाणिः  शर इति॥
🥀दिधक्षोस्ते कोऽयं  त्रिपुर तृण माडम्बर विधिः।
🥀विधेयैः क्रीडन्त्यो न खलु परतन्त्राः प्रभुधियः॥

🔴#तात्पर्य:~ #हे_शिव !!! आपने त्रिपुरासुर का वध करने हेतु पृथ्वी को रथ, ब्रह्मा को सारथी, सूर्य-चन्द्र को पहिया एवं स्वयं इन्द्र को बाण बनाया। #हे_शम्भु !! इस वृहत प्रयोजन की क्या आवश्यकता थी? आपके लिए तो संसार मात्र का विलय करना अत्यंत ही छोटी बात है। आपको किसी सहायता की क्या आवश्यकता? ऐसा इसलिए कि आपके इस तरह के अद्भुत प्रयोजन ही देव; ऋषि और मनुष्यों आदि के मन को भाव विभोर कर प्रीति भाव से निर्भय सुख प्रदान कर आपके प्रति एक विशेष आकर्षण की प्राप्ति कराती हैं !!!°°°

*༺⚜️꧁✴️‼️ॐ#शिव#ॐ‼️✴️꧂⚜️༻*
°°°•••✳️॥>ॐ !धन्यवाद!ॐ<॥✳️•••°°

931/☑️#यें_भारत हैं_जनाब‼️

🔴#यहां_झंडा_क्या? देश; संस्थान; भगवान; ईमान; माई-बाप; नेता; मंत्री; सन्तरी सब खरीदे-बेचें जाते हैं! सब बिकाऊ हैं! बोली लगाओं कानून; न्याय ही क्या संविधान तक बिक जाते हैं! कैमरे से फोटो खिंचने के बाद झंडे और भगवान के तस्वीर जूतों तलें रौंदें जाते हैं! कभी कभी तो कूडें या नालियों मे भी झंडे के अलावा देवी; देवता दिखाई पड़ जाते हैं! मतलब निकला तो; नहीं निकला तो भी पुराने पूजित भगवान को पेड़ के नीचे लावारिश फेंक आते हैं! बूढें माँ बाप को अनाथालय? धंधा कहां नहीं हैं; यें बताओं? धंधे के लिए मीठीं बात सभी बोलते हैं! वो सन्त; नेता या साधू बताओं जो सत्य बोलता हो? धंधा नहीं करता हों! यदि धंधा नहीं करता तो चार-पांच चेलें से काम चला लेता! सेवा के नाम पर धंधे की दुकान नहीं चलाता! गुरू-पूर्णिमा को महफिल सजाकर थोक के रेट से गुरू मंत्र दे रहा? आश्रम आदि बना रहा? वो क्या हैं! #ये_भारत_हैं_जनाब!

🔴#तेल_अगरबत्ती_दवा से लेकर क्रीम; पाउडर और ना जानें क्या-क्या तक! वो क्या हैं! योग ज्ञान गीता रामायण कथा भागवत तंत्र मंत्र टोटका टोंना ताबीज आशिर्वाद ज़मीर अस्मत फूल माला लंगोट किताब आदि सब कुछ बेच रहा वो क्या हैं! वेद; शास्त्र और भगवान का ईस्तेमाल चालाकी से सभी करते हैं किन्तु ईश्वर कैसा हैं कैसे दिखता हैं उसकी खोज नहीं करते और ना ही बताते हैं! सिर्फ लोगों को गोल गोल घुमाते हैं! धंधा चलता और फूलता रहे; चढावा चढ़ता रहें वही विद्या बताते हैं! धर्म और ईश्वर के नाम पर बेवकूफ़ बनाते हैं! मंदिरों में और धाम के चक्कर लगाता रह; मेवा मिस्री पैसे चढ़ता रह? यह बताते हैं! शर्म आती हैं ऐसे चमगादड़ों पर जो धंधे में लिप्त होकर अपने शिष्यों को मुक्ति; त्याग; दुःखों से छुटकारा आदि और भगवान से मिलाने का दावा कर मन्दिर या व्यासपीठ पर बैठकर अपने दिव्य ज्ञान से उन्हें ठगने का कार्य करते हैं! जो खुद ही अपना अंजाम नहीं जानते वो दूसरों के भविष्य को सुखमय बनाने का दावा करते हैं! #ये_भारत_हैं_जनाब! ऐसे जालसाज गुरुओं से सजग रहे! आखें खुली रखें?

#गुरू_कितना_भी_महान या प्रसिद्ध हो चाहें कितनी भी उसके पास भीड़; ऐश्वर्य या सिद्धि हो उसके अनैतिक कार्यो को गुरू-लीला समझने की गलती ना करना क्योंकि भक्तों को या पहले उनके माता-पिता को भी बचपन से यहीं पढ़ते-पढ़ातें आये हैं कि गुरू ही ब्रह्मा विष्णु महेश हैं! गुरू तत्व हैं; सर्वत्र हैं; परमात्मा का रूप हैं जो करते हैं वो उनकी गुरूलीला हैं! बाबा रामरहीम; नित्यानंद और आशाराम जैसे अनगिनत व्यास पीठाधीश्वर हैं जिनकी रासलीला से दुनियां परिचित हैं! जीवन में सावधानी अनिवार्य हैं! किसी भी गुरू के विचार यदि समझ में आते हो तो उसे पकड़ने की जरूरत हैं ना कि गुरू को! गुरू विचार हर जगह निशुल्क उपलब्ध हैं उसमे जो अच्छा लगे उठाते चलें! यात्रा जारी रखें! सत्य को अपने आचरण मे लाना अपने आप में सर्वोत्तम साधना हैं! और किसी साधन; मंदिर; चढावा; गुरू आदि की जरूरत नहीं! सत्य बोलने का सतत अभ्यास करना चाहिए! अपने गुरुओं से प्रश्न ज्यादा से ज्यादा पूछें? यदि गुरू आनाकानी करें या चतुराई से घुमाने की कोशिश करें या आप उनके उत्तर से संतुष्ट नहीं हो पा रहे हैं या आपके लिए समय नहीं हैं आदि तो उसे छोड़ देना ही उचित हैं! स्वतः अपने मनपसंद साधना मे लग जाये! माला या गुरू मंत्र का जाप करना ही मात्र साधना नहीं हैं! यूरी दूनियां गुरू हैं पकड़ते चलें तो हर एक घटना से साधना की शुरुआत हो सकती हैं! यात्रा जब पूर्ण होने को होगी ईश्वर कोई ना कोई माध्यम से अपनी पहचान करा देगा! कहीं अन्यत्र भटकनें की आवश्यकता नहीं हैं !!!°°°

झूठ खुलकर भरें महफिल में
झूठ बोलता हैं? सत्य यदि सत्य
धीरे से कहता हैं उस पोस्टों को
झूठ? झूठ के स्क्रीन से गुजार
कर डिलीट कर देता हैं! इसी
से पता चलता हैं सत्य से झूठ
कितना भयाक्रांत रहता हैं!
#बदलेगा_भारत_बदलेगी
दुनियां !!!°°°

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°°°•••✳️॥>ॐ !धन्यवाद!ॐ<॥✳️•••°°

930/☑️#तानाशाहों_की_लंका‼️

🔴#लेख लंबा हैं ध्यान और थोड़ी फ़ुरसत से पढ़ें? #जानते_हो_दोस्तों; #ताकतवर_रूस के तानाशाह राष्ट्रपति नें मौकापरस्त चीन और अपने अन्य दोस्तों को सहयोगी बना यूक्रेन को अकेला समझ अपनें प्रभुत्व और वादे को जगजाहिर करने हेतु उस पर सैन्य हमला किया ये विचार करते हुए कि अधिक से अधिक एक हफ्ते में वो यूक्रेन का किला फतह कर लेगा? एक चींटी को मशलनें में और कितना वक्त लगेगा! लालच और महात्वाकांक्षा में आकर उसने वो मूर्खता कर दिया जो एक शक्तिशाली देश को किसी भी कमजोर के साथ कभी नहीं करना चाहिए! परिणाम से बेख़बर खुद और यूक्रेन को युद्ध में धकेल दिया? किन्तु जैसा विचार किया था वैसा हुआ नहीं? नतीज़ा कुपित त्रिशूल की अदृश्य शक्ति यूक्रेन के साथ खड़ी हो गई!

🔴#इसके_पहले_वो_शक्ति भारत में किसानों के साथ थी और आज भी हैं! समय आने पर पुनः त्रिशूल का संयुक्त किसान-युवा करिश्मा दिखेगा! अब जो आंदोलन होगा पूरे देश से जुड़ेगा और व्यापक होगा! पूरा परिणाम लेकर आयेगा क्योंकि गलतियों से ही मानव सीखता हैं! आंतरिक कमजोरी का पता चलता है! नुकसान भी किसानों का कम नहीं हुआ करीब सात सौ लोगों ने अपनी शहादत दी! सैकड़ों मुक़दमे हुए! फिर भी हौसला कायम था! आगे का सबको मालूम हैं क्या हुआ! चुनाव आ गया सरकार ने अपना एक भावनात्मक खेल खेला! किसान सरल दिल के होते हैं! लम्बे आंदोलन से थकान भी थी अंतः आंदोलन को कुछ समय के लिये टाल दिया! त्रिशूल की कई चेतावनी के बावजूद इनमे कुछ लोग राजनीतिक महात्वाकांक्षी थे जिसका प्रभाव आंदोलन पर पड़ा! उन्हें त्रिशूल नें सबक भी सिखाया! चुनाव में हार हुई! फायदा कोई और ले गया! सरकार बन गई! किन्तु देश को इस लम्बे आन्दोलन ने अपने हितों के लिए लड़ाई कैसे लड़ी जाती हैं एक बहुत बड़ा अहिंसात्मक संदेश भी दिया! सरकार दुनियां के सामने झुकी और माफी भी मांगी!

🔴#यद्यपि_इनमें_आपसी_मतभेद और योजनाबद्ध तरीकों की कमी दिखी किन्तु कुल मिलकर देश को जो संदेश देना था उसमें पूरे कामयाब हुए! अपेक्षा हैं आगे गलतियों से बचेंगे और अपने अधूरे कार्य को संकल्प के साथ पूरा करेंगे! जनता जागृत होगी! किसान; युवा और पीड़ित मिलकर राजनीति और तंत्र की गंदगी एवं भ्रस्टाचार को साफ करेंगे! पिछले_लेखों में सब कुछ लिखा जा चुका हैं! एक-एक करके ध्यान से पढ़ें! चिन्हित करें! क्या होगा कैसे होगा? आगे क्या करना हैं? इस सबके लिए पुराने पन्नों को पुनः खंगाले! उस पर अमल करें! बातों को मज़ाक में ना ले! पूर्ण परिणाम के लिए अनुपालन भी पूरा करना होगा! आंशिक अनुपालन से रिजल्ट आंशिक ही होगा! चेतावनी पर पूरी नजर रखें! गलतियों को बार-बार ना दोहराएं! लेख को अपने निजी फायदे के लिए प्रयोग ना करें! मिलजुल कर छुपे रहस्यों को समझने का प्रयास करें! दो पक्षों की आपसी समझ अलग-अलग ही होगी!

🔴#अब_ये_शक्ति_भारत_में_युवा गांधी के साथ खड़ी हैं जैसा कि पहले लिखा जा चुका हैं! आने वाले समय मे घरेलु विवादों से पृथक हुए दोनों भाई एक साथ खड़े होंगे तब इनकी शक्ति दस गुना बढ़ जाएगी! देश में दो ही विचारधारा की जमकर लड़ाई हैं उसमे राष्ट्रीय विपक्ष का चेहरा युवा गांधी में ही कोई एक होगा! ये समय और परिस्थितियां निर्धारित करेंगी! गांधी युवा का विकल्प गांघी युवा ही हैं! इसमे कोई तोड़-मोड़ हुआ तो परिणाम घातक होंगे! किसी को संदेह नहीं होना चाहिए! क्योंकि भारत में कोई ऐसा लीडर नहीं जिसके परिवार ने देश के लिए शहादत दी हो जबकि मलाई सबने खाई! शेष विपक्षी दल एकजुट होकर इनके मददगार होने पर बाध्य होंगे या अपने को बचाने के लिए सत्ता का शरण सहयोग लेंगे और अन्त में त्रिशूल के कोप का शिकार बन जायेंगे! चिंगारी एक कोने से उठेगी पूरे देश में फैल जाएगी! लालच में जो भी विपक्ष का नेता आयेगा वो अन्त में मारा जायेगा क्योंकि त्रिशूल सबक सिखाने के लिए कभी-कभी सत्ता के साथ भी खड़ा हो जाता हैं! उसके लिए सब बराबर हैं! समान हैं! राजा-रंक पक्ष-विपक्ष में कोई भेद नहीं!

🔴#खैर_विषय_पर_आते हैं! वो दिन और आज का दिन दुनियां के तानाशाह मिलकर भी यूक्रेन का कुछ नहीं उखाड़ पाये और अपनी बर्बादी तक कुछ ज्यादा अनिष्ट भी नहीं कर पाएंगे! भारत और दुनियां के तमाम सुरक्षा सलाहकार भी टीवी पर रूस की सहमति में अपनी प्रतिक्रिया देते रहें? क्या हुआ? क्या कर पाये ऐसे तानाशाह? सिर्फ गीदड़-भभकी देते! जो कहते हैं 56″ का सीना वो तो चूहों जैसा दिल भी नहीं रखते! सुरक्षा ना हो तो बाथरूम भी नहीं जाने वाले! ऐसे लोगों का पोल पूरी दुनियां के सामने खुल चुका हैं? यह कोई काला-पीला जादू या चमत्कार नहीं सत्य की शक्ति हैं जिसे अदृश्य त्रिशूल कहते हैं! जो साक्षात् काल हैं! शिव का एक अनोखा रूप वही अदृश्य त्रिशूल हैं! दोनों में कोई फर्क़ नहीं! बड़े-बड़े कलयुगी धार्मिक गुरुओं के दृष्टि में वो शक्ति नहीं जो उस त्रिशूल को देख या जान सकें! सिवाय हिमालय के दिव्य प्राचीन शक्तियों के! क्योंकि वो अदृश्य शक्तियां स्वतः इस समय भेष बदल सच्चे पीड़ितों के सहयोग में गुप्त रूप से लगी हैं!

🔴#भारत_ही_नहीं_पूरी_दुनियां पर उसकी नजर हैं उसका एक ही मिशन हैं पूरी दुनियां को पूंजीवाद; पाखण्डवाद; जालसाजी; झूठ; नफरत; भ्रस्टाचार; मलाईवाद;  आतंकवाद और तानाशाहों के कुटिल महात्वाकांक्षी अत्याचार से निर्दोष जनता को मुक्त कराना! लोगों को जागरूक करना; सोई हुई चेतना को एक्टिवेट करना! पूरी दुनियां को एक सूत्र; एक ईश्वर से जोड़ना! धर्म और राजनीति में पनपते व्यापार को जड़ से खत्म करना! नहीं मानने पर दुनियां को दण्डित करने के लिए किसी भी हद् तक ले कर जाना चाहें वो विश्व-युद्ध की विभीषिका ही क्यों ना हो! फिर देश दुनियां के सच्चे संघर्षरत लोगों को छोड़कर कोई नहीं बचने वाला! सब लम्पट लपेटे में होंगे! नहीं सुधरे तो वो समय बहुत जल्दी ही आने वाला हैं! त्रिशूल की शक्तियां रोकने का भरसक प्रयास कर रही हैं किन्तु तुम खुद मानने वाले नहीं हो! फिर वो भी विवश हो जाएंगी! कृष्ण ने महाभारत होने से रोकने के लिए भरपूर प्रयास किए किन्तु रुका नहीं! दुर्योधन सहित अन्य योद्धाओं का अहंकार उन्हें ले डूबा! महाविनाश हुआ! ये पेज भी वही कर रहा है तुम्हें विभिन्न तरीकों से समझाने की कोशिश कर रहा हैं किन्तु अहंकार की मलाई नें तुम सभी की बुद्धि को कुंठित कर दिया हैं!

#वर्तमान_में_त्रिशूल_हर_एक अदृश्य शक्ति के सर पर मंडरा रहा हैं? महात्वाकांक्षी और लालची लोगों के मति को भ्रमित कर उनके मुहं से ना जाने क्या-क्या उगलवा रहा हैं! दौड़ भाग करा रहा! हाल में देश दुनियां में जो घटनायें घट रहीं हैं उसी का परिणाम हैं! पक्ष हो या विपक्ष; नेता हो या सन्तरी; आईएएस हो या अधिकारी; डॉक्टर हो या न्यायपालिका; पूंजीवाद हो या धर्म का पाखण्ड या फिर पालतू मीडिया आदि कोई भी कुटिल धंधेबाज बचेगा नहीं सबको त्रिशूल से गुजरकर शुद्ध होना होगा अन्यथा नष्ट होकर अपनी गति को प्राप्त होगा! साथ में वही अदृश्य त्रिशूल देश-दुनियां में अच्छे; सच्चे पीड़ित लोगों की मदद भी अपना अलग-अलग रूप बदलकर कर रहा! यूक्रेन की जंग में पीड़ित और यूक्रेनी सेना की मदद एक मित्र की तरह अज्ञात रूप से कर रहा हैं! दुनियां की कोई ताकत उस अज्ञात त्रिशूल की शक्तियों को पहचान नहीं सकती! क्योंकि वो त्रिशूल की अपनी सात्विक सुक्ष्म शक्तियां हैं जो अपना जरूरतमंदों की मदद करके अदृश्य हो जाती हैं! इसीलिए रूस और चीन जैसी तानाशाही शक्तियां अपने मंसूबे में बार-बार विफल और मुहं की खां रहें हैं! जो पीड़ित हैं सच्चे हैं उन्हें बिल्कुल परेशान होने की जरूरत नहीं हैं! त्रिशूल का निशाना महात्वाकांक्षा; अहंकार और मलाई हैं! वही उसका भोजन हैं! एक दिन ऐसा आयेगा भारत सहित दुनियां के तानाशाहों के अहंकार और नफरत की लंका धू-धू करके जलेगी कोई बचाने वाला नहीं होगा !!!°°°

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°°°•••✳️॥>ॐ !धन्यवाद!ॐ<॥✳️•••°°

929/☑️#सत्ता_का_विकल्प ढूंढों‼️

🔴#विपक्ष_के_जिन_नेताओ_के ऊपर जांच बैठा हैं उनको छोड़कर बाकी नेताओ को जो वर्तमान में सरकार के आखों की किरकिरी बन गये हैं; जिनका नंबर कभी ना कभी आगे आना ही हैं उन्हें सावधानी के साथ अपनी सम्पति की जांच हेतु सरकार के जांच एजेंसी के पास एकजुट और निर्भय होकर होकर पहले ही न्योतें के रूप में अर्जी लगा देनी चाहिए! यदि गुनाहों के साथ लड़ाई के मैदान में खड़े होंगे तो फिर मुश्किलों का सामना करना ही होगा! बच नहीं सकते! तुम्हें हर तरह से तैयार रहना होगा! सरकार शाम दाम दण्ड भेद प्रपंच दुष्प्रचार धरना प्रदर्शन आदि सब तरीके ईस्तेमाल करेगी! छोटी सी इस बात के तात्पर्य को अपनी बुद्धि से समझना होगा! हर स्थिति में भूत रूपी भय का दिलेरी से सामना और अपने मजबूत इरादों पर स्थिर रहना होगा! दूसरी बात  सत्ता का भार लेकर लड़ाई को ज्यादा नहीं खींच सकते तुम्हें सही विकल्प ढूंढकर खुद को फ्री करके सिर्फ टार्गेट को फोकस करना होगा! सत्ता में उलझ गये तो पूरा रिजल्ट नहीं आयेगा फिर ताकतवर सरकार दूसरा खेल रच देगी तोड़-फोड़ कुछ भी! बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी! कमजोर नश पर प्रहार करेगी इसलिए संयम; सावधानी और संगठित रहना निहायत आवश्यक हैं !!!°°°

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928/☑️#शिव_महिम्न स्तोत्र (श्रावण)-17‼️

🥀मही  पादाघा  ताद्  व्रजति  सहसा   संशयपदं।
🥀पदं विष्णोर्भ्राम्यद् भुज-परिघ-रुग्ण-ग्रह-गणम्॥
🥀मुहुर्द्यौर्दौ  स्थ्यं  यात्य निभृत-जटा-ताडित-तटा।
🥀जगद्र  क्षायै   त्वं  नटसि  ननु  वामैव   विभुता॥

🔴#तात्पर्य:~ #हे_नटराज_हे_निरंजन !!! संसार कल्याण के हेतु जब आप तांडव करने लगते हैं तो आपके पांव के नीचे धरती कांप उठती है; आपके हाथों की परिधि से टकरा कर ग्रह-नक्षत्र; चाँद सितारें भयभीत हो उठते हैं। ब्रह्म और विष्णु लोक भी हिल जाता है। आपकी जटा के स्पर्श मात्र से स्वर्गलोग व्याकुल हो उठता है। आश्चर्य ही है कि #हे_महादेव! अनेक बार आपके जगत के हित हेतु किए गये कल्याणकारी कार्य भी तीनों गुणों से मोहित जैसे कि सतोगुण; राजस और तामसिक प्रकृति के दैवीय शक्तियों में भी भय उत्पन्न करते हैं फिर मनुष्य सहित अन्य जीवों की बात ही क्या हैं !!!°°°

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