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1110/☑️#गुनाहगार_पुलिस_प्रशासन और सत्ता‼️

🔴#सरकारी_पुलिस_प्रशासन को अपने वर्दी पर बहुत अहंकार हैं! वर्दीधारी सिंहम कहे जाते हो न! चलो तुम्हारी ताकत पेज देखना चाहता हैं किसी भी महिला या पुरुष पहलवान या एक साधारण किसान को ही चुन लो अखाड़े मे बाहुबल या लाठी से लड़कर फिर दिखाओं कैमरे के सामने बिना वर्दी के अपनी मर्दानगी! पेज भी देखना चाहता हैं तुम्हारी और तुम्हारे आंकाओं की ताकत! आईपीएस चाटुकार हो ना महिला खिलाडियों को गोली मारने की धमकी देते हो? हिजड़े हो! मर्द होते तो सामने आकर महिला खिलाडियों को सबके सामने चुनौती देते तुम्हें तुम्हारी औकात पता चल जाता! किसी भी वर्दीवाले को ज्यादा गर्मी चढ़ी और अपनी वर्दी का नाजायज दुरुपयोग किसी बेहूदे नेता या मन्त्री के कहने पर किया तो जान लो त्रिशूल सब देख रहा हैं जिस्म पर इतने छेद करेगा कि कपड़े पहनने लायक भी नहीं रहोगे! तुम्हें वर्दी नेताओ के गुलामी करने के लिए नहीं मिली अपितु जनता की रक्षा करने के लिए दी गई हैं! याद रखना पेज के इस बात को!

🔴#जिस_नए_संसद_के_गीत गाए जा रहे हैं वो जगह शापित हैं कभी भी कोई भी अनहोनी हो सकती हैं! चेतावनियों को समझों! कोई भी विपक्ष वहां बैठने की चेष्टा ना करें! उसका सदैव के लिए बहिष्कार या त्याग करना ही उचित हैं! कब धंस जायेगा, क्या हो जायेगा? कहां नहीं जा सकता! सड़कों पर बैठों! सरकार बैठकर खुशियां मनाना चाहती हैं तो नया इतिहास रचना चाहती हैं उसे अकेले ही मनाने या रचने दो! तुम पूर्व की ओर पैदल यात्राएं करते रहों! देश की समस्याओं का अनुभव करों! संघर्ष करों! कोई भी अहंकारी धार्मिक सरकार, संगठन और उसके तंत्र को कोई समझा नहीं सकता क्योंकि सभी अदृश्य त्रिशूल के प्रभाव से मोहित हो चुके हैं! वो वही करेंगे जो उनके स्वभाव में विधाता ने रचा हैं! दोनों हाथ से लूटों, मन्दिर बनाओ, दुकान और दौलत बनाओं, ऐयाशी करों, देश में भय और नफरत फैलाओं, आतंक का खेल खेलों! जवान-किसान को आपस में लड़ाओं! खुद राजनीति करों! देश को बर्बाद कर पूँजीपतियों का कर्ज चुकाओं! बादशाहत कायम रखने के लिए मर्यादा की सभी सीमा का अतिक्रमण करों! किन्तु याद रखों जंतर-मंतर, दिल्ली या देश या संस्था किसी के बाप की बपौती नहीं हैं! वही से पुनः हुंकार भरेंगे किसान, युवा, पीड़ित, महिला खिलाड़ी और पिछड़े! आर-पार की जंग हैं! जिस भाषा में सरकार या प्रशासन समझना चाहता हैं उसी भाषा में जबाब देने को तैयार हो जाओ! आग लगेगी तो महल सहित रहने वाले भी राख होंगे!

🔴#जितने_भी_तुम्हारें_प्रशासन के दिग्गज हैं माफिया हैं उन्हें भेज देना लाठी दण्डों के साथ! बराबरी का युद्ध लड़ लो! तुम्हें लड़ाई का बहुत शौक हैं न! तुम्हारा और तुम्हारें कट्टर संघटन का शौक अवश्य पूरा होगा! गोली चलवाई तो समझ लेना सत्ता गई संगठन गया! फिर सत्यानाश से कोई रोक नहीं सकता! शर्म आनी चाहिए महिला पुलिस को जब खिलाड़ी महिला पीड़ित को जमीन पर घसीटती हैं जेलों में बंद करती हैं! नाजायज मुकदमे लगाती हैं! तुरंत सक्रिय हो जाती हैं! बाहुबली के खिलाफ रिपोर्ट तक नहीं लिखती! बाजारू पुलिस! और जब खुद उनके साथ दुर्व्यवहार या अत्याचार होता हैं तो भगवान को पुकारती हैं! कर्म सुधरों! तुम किसी नेता या अधिकारी के गुलाम नहीं हो! ईश्वर ने तुम्हें भी विचार करने की बुद्धि दी हैं! वर्दी को दागदार क्यों बनाते हो! निकम्मों जाहिल अफसरों के मुहं पर दे मारों ऐसी वर्दी को जो गुनाह करने पर मजबूर करें! क्यों प्रेसर मे जीते या काम करते हो!

#तुम्हारें_साथ_या_आसपास भी नित्य कोई ना कोई घटनायें घटित होती हैं! पढ़े-लिखे भी हो फिर जाहिलों की तरह व्यावहार क्यों! क्या समझते हो क्या ईश्वर तुम्हें भोजन नहीं देगा! पहले इन्सान बनो! पुलिस या अधिकारी बाद में! हैवान बनना बहुत आसान हैं वस्त्र चाहें सफेद डाक्टर का हो, पुलिस का हो या भगवा या कोई अन्य! क्या फर्क हैं काम तो हैवानियत का ही हैं! रिजल्ट आगे वैसा ही आयेगा! फिर मीडिया मे कैमरे के सामने चीखते चिल्लाते हो मेरे साथ ऐसा हुआ वैसा हुआ! इन सब के पीछे तुम्हारा अपना कर्म ही तो हैं! गुनाह का खाता कहीं और नहीं तुम्हारें ही दिमाग के रैम मे लिखा हैं जिसे त्रिशूल देखता हैं और फिर फैसला करता हैं मूर्खों कहां भाग कर किस दूनियां मे अपने गुनाहों की फेहरिस्त लिए जाओगें प्रश्न तुम्हारें लिए हैं! महामहिम राष्ट्रपति को देखों..मजबूर हैं! आदिवासी मर रहे हैं बहुत जेलों में हैं मणिपुर जल रहा हैं! फिर भी मजबूरी हैं! भाषण के अतिरिक्त कुछ कर नहीं सकते! फिर राष्ट्राध्यक्ष होने से क्या फायदा! उनसे बहुत अच्छे और नेक तो किसान, नौजवान, बुजुर्ग, सेवानिवृत और पीड़ित खिलाड़ी बेटियां हैं हैं जो सड़कों पर हैं लड़ रहे हैं! क्या महामहिम अपना पद त्याग कर उनका हौसला अफजाई भी नहीं कर सकती! ऐसी भी क्या मजबूरी हैं सत्ता की !!!°°°

*༺⚜️꧁✴️‼️ॐ#शिव#ॐ‼️✴️꧂⚜️༻*
°°°•••✳️॥>ॐ !धन्यवाद!ॐ<॥✳️•••°°°

1109/☑️#सत्यानाश‼️

🔴#जिसकी_थोड़ी_भी_प्रज्ञा_जागृत होती हैं उसे नकली भगवा..साधू-संतों की तरह बाह्य चन्दन-टीका, गदा त्रिशूल, चिमटा, दण्ड, फूंक या सुन्दर पट्ट-परिधान की आवश्यकता नहीं होती! गृहस्थ किसान, नौजवान, बुजुर्ग, महिलाएं, बेटियां, सच्चाई दिखाने वाले पत्रकार और कुछ एक नेता आदि..बिना किसी विशेष आडंबर के भी किसी महात्वाकांक्षी भगोड़े, बहुरूपिया साधू, सन्त या मनचले ऐयाश..नेता से कम नहीं! ईश्वर के किसी भी भौतिक रूप को जिसे मानते हो कोई बाह्य आडंबर या दिखावा पसंद नहीं! अपनी प्रकृति के अनुसार लोगों की अपनी पसन्द कुछ भी हो किन्तु ईश्वर..को ज्यादा प्रदर्शन और बाह्य धंधे, चढ़ावे आदि से कोई लेना-देना नहीं! उसे तो सत्य पसंद हैं ना कि माफिया बाहुबली नेता और फकीरचंद की तरह सत्यमेव-जयते या भगवा साधू के आगे-पीछे अपने गुनाह को छुपाना!

🔴#बेईमानी_झूठ_बनावट, प्रचार, लूट और अत्याचार त्रिशूल को पसन्द नहीं चाहें 11 लाख नहीं 11 करोड़ भगवा के पीछे छुप लो! त्रिशूल वहां भी अपना काम कर जायेगा! वो सब निशाने पर आ जाएंगे जिनके पीछे विलासी बाहुबली छिपने की कोशिश कर रहे हैं! अपराध एक ना एक दिन खुद की गवाही देता हैं! इस मध्य ईश्वर गुनाह कबूल करने का मौका देता हैं! त्रिशूल के लिए सब बराबर हैं क्या साधू; क्या सन्त; क्या राजा; क्या रंक इसलिए अन्तिम जीत उसी की होगी जो सत्य के लिए पूरी ईमानदारी से लड़ेगा! जो मठ, मन्दिर, माफिया, मलाई, धंधा और सत्ता के लिए लड़ेगा वो अन्त में अपने-तरीके से मारा जायेगा! लड़ाई आर-पार की हैं! एक तरफ निहत्थे किसान, नौजवान, सेवानिवृत, पत्रकार, पीड़ित शोषित नागरिक, बेटियों आदि की वानर सेना हैं तो दूसरी तरफ अहंकारी सफेदपोश धर्मज्ञ रावणी सत्ता के साथ हथियारों और संसाधनों से सुसज्जित तमाम धार्मिक संगठन, मठ मलाई वाले लाखों साधू-सन्त, पूंजीवाद और चाटुकार विशाल राजसी तंत्र और उनके पालतू अनुयायी?

#कोई_भी_अपने_सुविधानुसार इन दोनों मे अपना पक्ष चुन सकता हैं! ये स्वतन्त्रता अदृश्य त्रिशूल सभी को देता हैं! इसलिए लड़ों फायदे के लिए ही सही हाथ पर हाथ रखकर तमाशा मत देखों! तमाशबीन को नुकशान पहले होता हैं! बल, रसूख और हथियारों का दंभ बेवकूफ़ लोग भरते हैं! एक तिनका भी तबीयत से उछालो तो औकात पता चलती हैं और तुम वही हो! लालच में फंसकर अपना सत्यानाश करा लेते हो! हिजड़ों को भी शर्मसार कर देते हो! ऐसा कोई बाहुबली बताओ जिसकी मृत्यु नहीं होती! साधू भी नहीं बचता! ऐसा कोई दुनियां का लीडर या बादशाह बताओ जो सोने का मुकुट लेकर पैदा हुआ हो! ईश्वर ने किसी को अमीर, गरीब, प्रधान या मन्त्री नहीं बनाया! सिर्फ इन्सान बनाया और तुम अपने कुकर्मो से हैवानियत की सभी सीमाएं लांघ गए! त्याग का ढिंढोरा ही पीटना हैं तो किसने कहां त्याग करों! घर से भागों साधू-सन्यासी, नेता, प्रधान बनों! जितना त्याग नहीं किया उससे हज़ारों गुना का तो पकड़ कर रखे हो! फिर त्याग क्या? फिर तो धंधे में ऐसे डूबे कि समझने की फुर्सत ही नहीं मिली कब हौले से मौत तुम्हारें सामने आकर खड़ी हो गई पता ही नहीं चला! ये हैं कड़वी सच्चाई! लड़ों.. जिन्दगी की शाम हो उससे पहले पूरी तबीयत से अंजाम से बेफिक्र सत्य व ईमान की लड़ाई लड़ लो !!!°°°

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1108/☑️#घबराने_की_कोई_बात नहीं‼️

🔴#ऐसी_ही_उम्मीद थी! सरकार और उसकी निकम्मी पुलिस ने अपना दम-ख़म दिखाया जो उसके कायरता का प्रतीक एवं देश को शर्मसार करने वाला कृत्य हैं!
🔴#घबराने_की_जरूरत नहीं! ये लड़ाई हैं आर-पार की! ये तो सिर्फ शुरूवात हैं अन्त नहीं!
🔴#देश_ने_उद्घाटन_नहीं अपितु महिला खिलाडियों के हौसले को देखा!
🔴#किसान_अपनी पुरानी भूमिका मे हैं!
🔴#त्रिशूल_तुम्हारे_साथ हैं सब देख रहा हैं! सरकार और पुलिस प्रशासन का असल सरदर्द अब शुरू होगा!
🔴#लड़ाई_सिर्फ_महिला खिलाडियों या किसानों की नहीं बल्कि विपक्ष सहित पूरे देश की हैं! अतः सभी पीड़ित  विपक्षी दल अपना पूर्ण समर्थन एवं सहयोग करें! यह लड़ाई न्याय की हैं! देश के मूलभूत मुद्दो की हैं! पीड़ितों की हैं! मनमौजी सत्ता के तानाशाही नीति एवं नियत के विरुद्ध हैं जिसे तुम्हें एकजुट होकर लड़ना होगा! अन्य कोई रास्ता नहीं!
🔴#चाहें जितनी भी कोशिश कर ले मनोरोगी माफिया नेता का पत्ता कट चुका है सिर्फ कुछ समय अभी बाकी हैं अपने अंजाम को प्राप्त होगा!
🔴#बिरादरी_भक्ति_या बचाव भगवा व फकीरचंद के लिए नुकसानदेह सिद्ध होगी !!!°°°

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1107/☑️#आगे_बढ़ते_रहों‼️

🔴#दो_ही_रास्ते हैं..शरीर की ज्यादा परवाह ना करते हुए निर्भय होकर पूरे होश एवं जज्बे से अपने अधिकारों के लिए अन्तिम आर-पार की लड़ाई लड़ों या तानाशाह पाखण्डी सत्ता के सामने झुक जाओं! मर्जी तुम्हारी! समय बहुत ज्यादा नहीं हैं! लड़ोंगे तो जीतने की उम्मीद हैं! बचने की उम्मीद हैं! झुकना..मृत्यु से भी ज्यादा दुखदायी हैं? फैसला तुम्हें करना हैं!

🔴#कायर_मौकापरस्त, नकली, दलाल, पाखण्डी, धन्धेबाज, नफरती, अत्याचारी और समझौता करने वाले इन्सान का साथ त्रिशूल कभी नहीं देता हैं! जो खड़े होते हैं! निडर होकर सामना करते हैं! अपने अधिकारों के लिए या अन्याय के खिलाफ ईमानदारी से लड़ते हैं त्रिशूल उन्हीं का साथ देता हैं!

⚫#याद_रखों! यह लड़ाई पूरी दुनियां के लिए आर-पार की ही हैं! सिर्फ तुम्हारें लिए नहीं! इसलिए डरों मत आगे बढ़ों! धर्म, भगवा और सत्ता के पर्दे के पीछे छुपे कायर एवं खौफजदा लोग हैं! इनसे क्या डरना! सत्ता से जुदा होते ही ये ऐयाश लोग वैनटीलेटर पर अपना दिन गिनते मिलेंगे! 54, 56 सब गायब हो जायेगा! मरना सबको हैं आज नहीं तो कल! अच्छा होगा सत्य, पीड़ित या अपने अधिकारों के लिए लड़कर मरना! पूरी दुनियां देख रहीं हैं ऐयाश तानाशाहों की गिनती उलटी चल रही हैं! कोई भी कितना भी बड़ा सूरमा त्रिशूल के प्रहार से बचेगा नहीं! समय धीरे-धीरे आ रहा हैं !!!°°°

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1106/☑️#शक्ति_पहचानों‼️

🔴#अपनी_ आंतरिक_शक्ति_को पहचानों? पैसा, पद, रुतबा, रसूख के साथ संसाधन पहले से इकठ्ठा करके कोई लड़ाई नहीं जीती जा सकती! क्योंकि राम कथा कहती हैं रावण के पास वह सब कुछ था! सोने की लंका के साथ अपने कुल-कुनबे से भी बहुत ताकतवर था! धन-कुबेर पर भी शासन करता था! अनगिनत सिद्धियां और शक्तियां भी थी! किन्तु अहंकारी अत्याचारी और ऐयाश था! यहीं अहंकार, अत्याचार, विलासिता, ठगी उसके कुल सहित खुद के पतन का कारण बना! राजा राम कभी भी विजय को प्राप्त नहीं होते यदि वो एक राजा की तरह युद्ध करते! ये बात राम अदृश्य त्रिशूल के माध्यम से जानते थे इसीलिए उन्हें चौदह साल जंगलों में संघर्ष करते हुए तप करना पड़ा! फलस्वरुप उन्हें पीड़ित वानर-भालू सहित अन्य तप करने वाले साधुओं की भी अपार शक्ति मिली! त्रिशूल का साथ मिला! इसलिए संघर्ष करते समय भूल जाओ तुम पहले क्या थे! कितनी सुख-सम्पत्ति, जमीन, पेट्रॉल पम्प के मालिक थे! ये सत्य की लड़ाई हैं तुम्हें जज्बे से आर-पार की लड़ाई लड़ना होगा! पहले भी पेज ने बताया था मुश्किलें आयेंगी तुम्हें और ताकतवर बनाएंगी! छापे पड़ेंगे! जांच होंगी! जो गलत होगा निकल जाएगा! लड़ाई मे शुद्धता आवश्यक हैं! अन्दर से भी और बाहर से भी! तभी आगे बढ़ोंगे! हिंसा समाधान नहीं! अन्दर शान्ति रखते हुए सिर्फ लक्ष पर ध्यान केन्द्रित करों! रुकना नहीं हैं ठहरना नहीं हैं सिर्फ धीरे-धीरे आगे बढ़ना हैं! प्रश्न पूछना हैं लोगों को जागरूक करना हैं! सत्ता प्राप्त करने या मलाई बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हों तो अच्छा हैं अब भी लड़ाई से किनारा कर लो और सरकार के भागीदार बन जाओं! मलाई वहां भी मिलेगी किन्तु त्रिशूल अपना काम करेगा! सुरक्षित तुम वहां भी नहीं !!!°°°

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एक कदम आध्यात्म की ओर..