727/☑️हार्ट-अटैक मे क्या करें‼️

🎯नीचे🔻 देखें वीडियों ! और अन्य मित्रों को शेयर करना ना भूलें!

*༺⚜️꧁✴️‼️#शिवशरणम#‼️✴️꧂⚜️༻*
°°°•••✳️॥>!धन्यवाद!<॥✳️•••°°°

726/☑️फिसलती चादर‼️

🎯#थोकना_पीटना_सरकार; प्रशासन एवं उसके अन्य तंत्र का कार्य नही! सरकार और उसके तंत्र का कार्य हैं जनता के हितों का सर्वोपरि मान जनता की मूल-भूत समस्याओं का अविलंब निराकरण और उनकी हृदय से सेवा; उनके साथ मिलकर बैठकर करना। यदि सरकार खुद ही अपनी ताल-ताली बजाना चाहती हैं तो फिर न्यायपालिका और अन्य का क्या कार्य! अपराध; धर्म; सेना और कोरोंना आदि का राजनीतिकरण: भय का माहौल सरकार को खुद ही मुजरिम साबित करता हैं। जिसका फल उसे आगामी समय मे व्याज समेत मठ; मलाई और सत्ता से हाथ धोकर भुगतना होगा! सच्चे ज्ञान के लिए धर्म-तीर्थ मे जाकर किनारे बैठे कठिन तप और जीवन यापन कर रहें साधुओं की निस्वार्थ भूखे-प्यासे सेवा करनी होगी और कोई अन्य उपाय नही! समय आ रहा हैं। उलटी गिनती चालू हैं। मलाई वाली चादर सरकती जा रही हैं। कोई धर्मज्ञ; बाहुबली तीसरीआँख! से बचने वाला नही!°°°

       ➖✳️#बदलेगा_भारत_बदलेगी_दुनियां✳️➖

☑️मूल को पकड़‼️

🎯#हे_मानव_आज_जान_ले_गरीब कभी भी तू नही था जब पैदा हुआ तो सबसे पहले तुझे माँ मिली; उसका दूध मिला! फिर माँ ने तुझे अपने पिता से परिचय कराया। दोनों ने अपने त्याग से तुझे दुनियां दिखाई! ये दिखाने के लिए कि जो दुनियां तुझे सामने दिख रही हैं उसका मूल वो ही हैं किन्तु तुम उस मूल को छोड़ दुनियां के चका-चैध को पकड़ने के लिए भागने लगा। अपने मूल को भुला दिया! थोड़ा ठहर; विचार कर! ये देख मूल् को छोड़कर आज तक तुम्हें क्या मिला; क्या खोया और अब क्या पाना शेष बचता हैं! पूरा हिसाब लगा! माँ-बाप आज नही तो कल; तुझसे जुदा हो जाएंगे और तू मिट्टी और रेत के घरोंदे को पकड़कर बैठा रहेगा। गरीब तूने खुद को अपने लालच के कारण बना रखा हैं; वर्ना तू तो तू था; सबसे अलबेला; सबसे लाजवाब! तेरे सामने तो देवता भी नतमस्तक होते !! लालच छोड़ अपने मूल को पकड़! नही तो बहुत देर हो जाएगी; ना तीन मे रहेगा ना तेरह मे!°°°

*༺⚜️꧁✴️‼️#शिवशरणम#‼️✴️꧂⚜️༻*
°°°•••✳️॥>!धन्यवाद!<॥✳️•••°°°

725/☑️दुर्गुणों पर ध्यान‼️

🎯#यदि_आप_पुरूषार्थी हैं; ध्यान करना चाहते हैं तो आंख बन्द करके ईश्वर का ध्यान या खोज करने की कोशिश ना करें! बल्कि खुली आंखो से अपने अन्दर की बुराइयों पर अपना ध्यान केन्द्रित करें; उसे खोजें और एक एक कर दूर करने का सार्थक प्रयास करें। जिस-दिन जिस क्षण आप अन्दर और बाहर पूरी तरह से शुद्ध एवं सिद्ध हो जाते हैं; ध्यान खुद-बखुद होने लगेगा। ध्यान करना नही पड़ेगा! ईश्वर अविलम्ब प्रकट हो जाएंगे। खुली आंखो से भी देख सकेंगे अन्यत्र भ्रमण की आवश्यकता नही होगी। यदि सम्भव हो तो ईश्वर के किसी भी नाम का जप प्रतिदिन 15 मिनट से 60 मिनट के बीच उंगली पर या गौमुखी मे रुद्राक्ष माला के साथ अपने सुविधानुसार घर के किसी कोने मे किसी ऊनी सफेद आसान या चादर पर सीधा बैठकर करें! नीचे कुश का आसान रखें। प्रचार ना करें। इसके लिए किसी साधक बुजुर्ग, साधु मित्रों की मदद ले सकते हैं। बुजुर्ग एवं महिलाए कहीं भी किसी अवस्था मे चलते-फिरते, सोते, कार्य करते जप कर सकतें हैं। उनके लिए कोई नियम नही हैं। हाँ नित्य सत विचारो से जुड़े रहना भी आवश्यक हैं।°°°

🎯क्रोध; जलते हुए कोयले को किसी दूसरे व्यक्ति पर फेंकने की इच्छा से पकड़े रहने के समान है; यह सबसे पहले स्वम का हाँथ ही जलाएगा॥°°°

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°°°•••✳️॥>!धन्यवाद!<॥✳️•••°°°

724/☑️अतृप्त आत्माएं‼️

🎯#जो_व्यक्ति_दूसरों_के_राह_मे कीलें और कांटे बिछाता हैं उसकी राह आसान कैसे हो सकती हैं। मनुष्य स्वं अपने विविध कर्मो से अच्छे-बुरे प्रारब्ध का निर्माण करता हैं। दुनियां मे हो रही घटनाओं से सीखें। सब हमारे; अपने ही लोगों के साथ हो रहा हैं। इनसे बड़ा गुरू कौन। 2 जून की रोटी, तन के लिए कपड़ा और बांस की काठी पर अटने वाले शरीर के निर्वाह के लिए ईश्वर की तरफ से कोई कमी नही किन्तु फिर भी कुछ अतृप्त आत्मायें अपने प्रपंच और महात्वाकांक्षा से नही चूकती। ज्ञान उन्हें भी हैं किन्तु वो अपने घोर कर्मों के मकड़जाल मे ऐसे फंसे हैं कि बिना अपने अंजाम तक पहुंचे निकलने का कोई अन्य मार्ग ही नही ! शौक पूरा होना चाहिए कीमत की परवाह नही। ईश्वर ऐसे लोगों के अतृप्त इच्छायें पूरी करते हैं और उनके अन्त से समाज को सुधारने का संदेश भी देते हैं।°°°

🎯#कोई_भी_कार्य_करें_फिर_वो चाहे घर का हो; ऑफिस का हो; लिखना हो; सेवा हो; ईश्वरीय कार्य हो; अपना हो या दूसरे का या कुछ-और..पूरे मनोयोग से करने की कोशिश करें और साथ मे स्वतः ही उस कार्य में आयी कमियों और त्रुटियों को एक परीक्षक की तरह कार्य से उपराम होकर चेक करें और पुनः उन कमियों को दूर करने का प्रयास करें तबतक जबतक स्वतः सन्तुष्ट ना हो जाए। एक छोटा सा प्रयोग कर के देखें बदल जाएगी आपकी दुनियां !!°°°

✔️केवल भौकने से एक कुत्ता अच्छा नहीं हो जाता, इसी प्रकार केवल बोलने या ज्ञान देने से ही एक व्यक्ति ज्ञानी नहीं हो जाता। वो ज्ञान उसके जीवन मे दिखना भी चाहिए।

✔️तपस्या यदि पैसे या पद के लिए की जाए वो तपस्या नही अपितु महाभोग हैं सिर्फ चार दिन के लिए! उसके बाद चमकता चेहरा एक मुरझाए फूल से ज्यादा कुछ भी नही।

✔️कथनी और करनी मे फर्क़ ठीक वैसे ही होता है जैसे हाथी के दांत खाने के और; दिखाने के कुछ और! ऐसे लोग शीघ्र अपनी दुर्दशा को प्राप्त होते हैं और नरकगामी होने के पश्चात पुनः पृथ्वी पर ईश्वर द्वारा गिरगिट योनि मे गिराए जाते हैं।

✔️अपने आप को किसान कहने वाले कुछ लोग यदि राजनीति मे आ जाये तो यह उनका दुर्भाग्य हैं। ऐसे लालची लोगों को किसान नही कहा जा सकता। ऐसे मौकापरस्तों को चुनकर उनसे किनारा करने मे ही मोर्चे की भलाई हैं।

✔️तंत्र और षड्यंत्र का भेदन तंत्र का हिस्सा बनकर नही किया जा सकता !!°°°

✔️सहजता उपलब्धता सादगी और सेवा पर प्रकृति के कोई नियम काम नही करते !!

🎯जो मैं लिखता हूँ; कहता हूँ; उसे सत्यता की कसौटी पर जांच आपको करनी हैं! सिर्फ मान लेने से कार्य पूर्ण नही होता? प्रश्न करें! शान्त ना बैठें; जैसे जैसे जानकारी बढ़ेगी: आपके अपने उत्तर भी बदलते जाएंगे; फिर जल्दीबाजी नही होगी! कोई आपको बेवकूफ़ नही बना सकता। अनुसंधान करें अपने को बदले फिर दुनियां को बताएं और जागरुक करें !!

🎯संघर्ष करना जितना कठिन होगा, जीत उतनी ही शानदार  एवं मुक्कमल होगी। –

✔️#बाहर_से_ताकतवर_दिखने_वाला_इंसान_अन्दर_से_उतना_ही_कमजोर एवं डरपोक होता हैं। वही इन्सान जब अपने पर आन पड़ती हैं तो सूखे पत्ते की तरह कांपने लगता हैं। ताकतवर तभी तक हैं जब तक समय उसके पक्ष में हैं। समय उस हवा की तरह हैं, जिसका रुख कब मुड़ जाए इंसानी सोच के परे हैं! हे, इन्सान तेरे हाथ मे तो अगला क्षण ही नही फिर काहे लंबी-चौड़ी सोचता हैं। तुझसे पहले भी कईयों ने अपनी मर्दानगी दिखाई क्या हुआ उनका? एक छोटा सा एक्सीडेंट और चलते बने अपने पिया के घर। फिर काहे का ढ़ोल- नगाड़ा।°°°

🎯लोगों के दिलों मे झांकने के लिए स्वं को उस स्तर पर लाना होगा। आसमान मे उड़ते हुए जमीन के लोगों के दिलों को नही जान सकते !!°°°

🎯मुर्ख लोग मजमा लगाकर खुश होते हैं। अपनी जीत का पैमाना मानते हैं। मजमा ठीक वैसे ही हैं जिधर हवा दो उधर चल देती हैं।

🎯किन्तु होगा वही जो सबका हृदय गवाही देगा। लोग अपनी मूलभूत जरूरतों को जानते हैं। टेबलेट, चुनावी वादों, मंदिर और बंटवारे मे नही आने वाले। वो दिन लद गए। जागरुक हैं सब।°°°

☑️सेवक‼️

🎯सेवक हो तो सेवक की तरह से रहो सृष्टि का रहनुमा या मालिक बनने की कोशिश ना करो। बहुत काल के गर्त मे चलें गये। खाद और राख बन गये। नामों निशाँ भी ढूढ़ने से नही मिलता। अब तुम्हारी बारी हैं। जब एक बच्चा भी दूध के लिए रोता है तो उसकी आवाज़ परमात्मा तक पहुंचती है बेवकूफ़। फिर तुम किस खेत की मूली हो। तुम्हें सेवक किसने बनाया इस पर भी विचार करो। बनाने वाला कैसे रहता है यह भी सोचों।°°

         •••➖⚜️#तीसरी🏹आँख⚜️➖•••

*༺️ॐ✴️~नमो आदिशंकरमहादेव~✴️ॐ️༻*
*༺꧁‼️हर हर हरे हरे‼️꧂༻*
°°°•••✳️॥>!धन्यवाद!<॥✳️•••°°°

723/☑️#यह_पेज‼️

🎯#सच्चे_निर्विकारी_मूक_हज़ारों_सज्जन_ग्रहस्थ; साधुओं की आवाज हैं ये पेज!

🎯#पाखण्डी_झूठे, मक्कार; तानाशाह, मालदार, पूंजीवाद, नौटंकीबाज और लुटेरों का #काल हैं ये पेज !!

🎯#पीड़ित_निर्बल; अच्छे संत-जन के लिए #रामवाण मलहम हैं ये पेज।

🎯#गरूर_अहंकारी_पक्षपाती_रसूखदारों के लिए आन बान शान पर लड़-मरने का #साधन है ये पेज !!

     ➖✳️#बदलेगा_भारत_बदलेगी_दुनियां✳️➖          

🎯#देश_का_मुखिया_और_निरहू-कहार दोनों का एक ही सम्मान हैं! एक ही स्थान हैं। कोई फर्क नही! निरहू कहार यदि सच के साथ हैं तो ये पेज उसके साथ हैं और यदि देश का मुखिया सच और समानता के साथ हैं तो पेज उसके भी साथ हैं। पेज सच और समानता का उपासक हैं। झूठ छल प्रपंच साजिश का कदापि नही! पेज के लिए कोई विशेष नहीं। सभी समान हैं यदि वो अपने आचरण और मर्यादा मे हैं।°°°

🎯पाखण्डी कितना भी जुगत कर ले; फिर भी नही बचेंगे। सत्ता और स्वर्ग सुख के अभिलाषी झूठे-मक्कार मजहबी धर्मज्ञों का स्थान लोक-परलोक से परे त्रिशंकु के लोक मे होगा। आने वाला समय निहायत ही कष्टकारी हैं। कुंडली मे उग्र शनि बैठे हैं। चादर फिसलती जा रही हैं। आभास उन्हें भी हैं किन्तु वो महामाया की भ्रमित माया से पूर्णरूप से जकड़े हुए अपनी दुर्गति को सिर्फ निहार सकते हैं पर कर कुछ नही सकते। खेल उनके हाथ से निकल चुका हैं। शक्ति जागृत हैं। सभी यत्न-प्रयत्न बेकार साबित होंगे।°°°

*༺⚜️꧁✴️‼️#शिवशरणम#‼️✴️꧂⚜️༻*
°°°•••✳️॥>!धन्यवाद!<॥✳️•••°°°

एक कदम आध्यात्म की ओर..